चूहा बन गया शेर ( पंचतंत्र की कहानी )

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चूहा बन गया शेर ( पंचतंत्र की कहानी )

चूहा बन गया शेर ( पंचतंत्र की कहानी – panchtantra ki kahaniyan ) – एक दिन, एक साधु ने देखा कि एक बिल्ली चूहे को खदेड़़ रही थी और बिल्ली, चूहे को दौड़ा रही थी। चूहे के चेहरे पर मृत्यु के भाव थे और उसे अपनी मौत सामने नजर आ रही थी।

यह देख साधु ने अपनी अलौकिक शक्तियों से उस चूहे को बिल्ली बना दिया और उसकी जान बच गई। बिल्ली बने चूहे ने  साधु का धन्यवाद किया और वह वहां से चला गया।

कुछ दिन बाद, साधु ने देखा कि उन्होंने जिस चूहे को बिल्ली बनाया था उसके पीछे एक कुत्ता दौड़ रहा है यह देख अब साधु ने उसको कुत्ता बना दिया।

फिर कुछ दिन बाद साधु ने देखा कि उस कुत्ते पर शेर ने हमला कर दिया है यह देख साधु ने तुरंत उस कुत्ते को शेर बना दिया। जो जंगल वाले इस नए शेर का रहस्य जानते थे, वे उसका मज़ाक उड़ाते थे। उनके लिए वह आज भी एक पिद्दी-सा चूहा ही था, जो शेर बना फिरता था!

अब इस शेर ने सोचा कि जब तक यह साधु जीवित रहेगा, तब तक सब लोग उसका ऐसे ही मज़ाक उड़ाते रहेंगे। साधु ने इस शेर को अपनी ओर आते देखा, साधु पहले ही उस शेर बने चूहे के इरादे समझ गये।

साधु ने शेर बने चूहे से बोला, “जाओ, तुम फिर से चूहा ही बन जाओ। तुम अहसान फरामोश हो और शेर बनने लायक नहीं हो” और इस प्रकार वह शेर फिर से सिकुड़कर दुबारा चूहा बन गया और एक बिल्ली उसके पीछे भागने लगी, चूहा साधु के सामने क्षमा याचना करने लगा लेकिन साधु ने उसकी एक न सुनी और वहां से चले गए।

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी अपने ऊपर एहसान करने वालों का एहसान नहीं भूलना चाहिए क्योंकि वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता है।

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