गोदन्ती भस्म (Godanti Bhasma) के फायदे – नुकसान, सेवन विधि

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गोदन्ती भस्म के फायदे और नुकसान

गोदन्ती भस्म के फायदे और नुकसान ( godanti bhasma ke fayde in hindi ) : गोदन्ती भस्म के फायदे में गोदन्ती भस्म से संबंधित सभी जानकारियां शामिल हैं। गोदन्ती भस्म एक आयुर्वेदिक दवा है जिसे बिना डॉक्टर के पर्चे के उपयोग में लाया जा सकता है यह बाजार में कई कंपनियों द्वारा बेची जा रही है जिसमें पतंजलि दिव्य, बैद्यनाथ आदि प्रमुख हैं।

गोदन्ती भस्म बहुत से प्राकृतिक घटकों से निर्मित है जिसका उपयोग मुख्यतः बुखार के इलाज के लिए किया जाता है। गोदन्ती भस्म की निर्धारित खुराक के सेवन से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। गोदन्ती भस्म के फायदे ( Godanti Bhasma ke fayde ), गोदन्ती भस्म के नुकसान ( Godanti Bhasma ke nuksan ) और गोदन्ती भस्म के सेवन की विधि की पूरी जानकारी नीचे दी गयी है –

गोदन्ती भस्म के घटक | Godanti Bhasma ingredients in hindi

गोदन्ती भस्म के घटक है –

गोदन्ती भस्म सेवन विधि | Godanti Bhasma uses in hindi

  1. गोदन्ती भस्म के बेहतर परिणामों के लिए गोदन्ती भस्म की निर्धारित खुराक का उपयोग करना जरुरी होता है।
  2. गोदन्ती भस्म शिशु (1 महीने – 2 वर्ष), बच्चों (2-12 वर्ष), किशोर (13-18 वर्ष) वयस्क और बुजुर्गों के लिए है।
  3. शिशुओं को 125mg, बच्चों को 250mg, किशोरों को 500mg, वयस्कों को 1g और बुजुर्गों को 1g की मात्रा में गोदन्ती भस्म का सेवन करना चाहिए।
  4. गोदन्ती भस्म की खुराक का सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जाना चाहिए।
  5. गोदन्ती भस्म की खुराक दिन में खाना खाने के बाद लेनी चाहिए।
  6. दिन में लगभग 2 बार गोदन्ती भस्म का सेवन करना चाहिए।

गोदन्ती भस्म के फायदे और नुकसान | Godanti Bhasma benefits and side effects in hindi

गोदन्ती भस्म के फायदे ( Godanti Bhasma benefits in hindi )

बुखार

गोदन्ती भस्म के फायदे बुखार के इलाज के लिए है। बुखार एक सामान्य समस्या है, शरीर के तापमान में वृद्धि, सिरदर्द, कमजोरी, थकान बुखार के मुख्य लक्षण है। गोदन्ती भस्म को बुखार के इलाज के लिए काफी प्रभावी माना जाता है इसीलिए बुखार में गोदन्ती भस्म की निर्धारित खुराक का सेवन किया जाना चाहिए इससे बुखार जल्द उतरने में मदद मिलेगी।

मलेरिया

मलेरिया के रोगियों के लिए गोदन्ती भस्म हितकारी है। मलेरिया मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से होने वाला एक रोग है। यह एक प्रकार का सिरदर्द है जिसमें बार-बार और तेज बुखार आते है। मलेरिया के इलाज के लिए गोदन्ती भस्म का इस्तेमाल किया जाता है। गोदन्ती भस्म के नियमित सेवन से मलेरिया से बचा जा सकता है।

टाइफाइड बुखार

गोदन्ती भस्म को टाइफाइड बुखार के इलाज के लिए काफी प्रभावी माना जाता है। टाइफाइड बुखार एक प्रकार का बैक्टीरया संक्रमण है जो साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के शरीर में प्रवेश करने से आता है। तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द इसके मुख्य लक्षण है जिनसे छुटकारा पाने के लिए गोदन्ती भस्म का सेवन किया जाता है। गोदन्ती भस्म के नियमित सेवन से टाइफाइड बुखार को ठीक किया जा सकता है।

जिंजीवाइटिस

गोदन्ती भस्म को जिंजीवाइटिस के इलाज के लिए उपयोग में लाया जाता है। जिंजीवाइटिस मसूड़ों से संबंधित एक रोग है जिसका कारण बैक्टीरिया संक्रमण है। मुँह से बदबू आना, मसूड़ों से मवाद आना, दांतों का अपने  स्थान से दूर हटना जिंजीवाइटिस के मुख्य लक्षण है।

ऑस्टियोपोरोसिस

ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित रोगियों के लिए गोदन्ती भस्म फायदेमंद है। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों से जुड़ी एक बीमारी है जिसमें हड्डियों की कमजोरी, हड्डियां जल्द टूटना जैसी परेशानियां देखी जा सकती है। गोदन्ती भस्म में ऐसे तत्व पाए जाते है जिन्हें हड्डियों के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। नियमित रूप से गोदन्ती भस्म का सेवन करने से ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से बचा जा सकता है।

सिरदर्द

गोदन्ती भस्म के फायदे सिरदर्द के उपचार के लिए है। सिरदर्द एक सामान्य समस्या है जिसमें सिर के किसी भी भाग में तेज दर्द होने लगता है। सिरदर्द सामान्य और गंभीर भी हो सकते है जिनसे निजात पाने के लिए गोदन्ती भस्म का सेवन किया जाना काफी अच्छा माना जाता है। गोदन्ती भस्म के नियमित सेवन करने से सिरदर्द में काफी आराम मिलता है।

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गोदन्ती भस्म के नुकसान ( Godanti Bhasma side effects in hindi )

गोदन्ती भस्म के फायदे जानने के अलावा गोदन्ती भस्म के नुकसान भी जान लें। गोदन्ती भस्म का गलत तरीके से या आवश्यकता से अधिक इस्तेमाल करने से यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गोदन्ती भस्म का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। किसी रोग या एलर्जी के इलाज के दौरान गोदन्ती भस्म का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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