लगातार हिचकी आने के कारण – Causes of constant Hiccups

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lagataar hichki aane ke karan

लगातार हिचकी आने के कारण ( lagatar hichki aane ke karan ) : लगातार हिचकी आने के कारण कई हो सकते हैं, हिचकी ( Hiccups ) आना एक आम समस्या हैं, जो लोगों को कष्टदायक नहीं लगती है लेकिन लगातार हिचकी आना या बार-बार हिचकी आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता हैं। जिसे नजरअंदाज करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मुख्य रूप से हिचकी आने की समस्या डायफ्राम के संकुचन के कारण होती है।

दरअसल डायफ्राम एक प्रकार की मांसपेशियां हैं, जो सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब इन मांसपेशियों में दबाव पैदा होता है तो आवाज निकलने वाली नली अचानक बंद हो जाती है और गले से हिच ध्वनि निकलती हैं, जिसे हिचकी कहा जाता है।

आयुर्वेद के अनुसार, वात, पित्त एवं कफ दोष बिगड़ जाने के कारण हिचकी की समस्या पैदा होती हैं। आमतौर पर लोग हिचकी को रोकने के लिए पानी पीते हैं लेकिन कई बार पानी पीने के बाद भी हिचकी नहीं रूकती हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं, हिचकी रोकने के कई घरेलू उपाय हैं, जिनका उपयोग कर आप लगातार हिचकी आने की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। आइए विस्तार में जाने हमारे इस आर्टिकल से हिचकी आने के कारण और उपाय के बारे में।

लगातार हिचकी आने के सामान्य कारण ( Causes of Hiccups in hindi )

  • जरूरत से ज्यादा भोजन करना तथा भोजन को अच्छे से न निगलना, लगातार हिचकी आने का कारण बन सकता हैं। इसके अलावा ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन करना और भोजन करते समय बात करना, लगातार हिचकी आने का कारण बन सकता हैं। ऐसा पाचन तंत्र में गड़बड़ी होने के कारण होता हैं।
  • गर्भवती महिलाओं में लगातार हिचकी आने की समस्या देखी जा सकती हैं। दरअसल गर्भावस्था के दौरान, शिशु को ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए सांस लेने की प्रक्रिया सामान्य से अधिक हो जाती हैं इसलिए गर्भावस्था के दौरान ऑक्सीजन कम लेने के कारण डायफ्रम में संकुचन पैदा होता है, जो लगातार हिचकी आने का कारण बनता हैं।
  • कुछ विशेष प्रकार की दवाओं जैसे तनाव को दूर करने या सर्जरी के दौरान प्रयोग होने दवाओं का सेवन और उनका साइड इफेक्ट, लगातार हिचकी आने का कारण बन सकता हैं। इसके अलावा धूम्रपान एवं अत्यधिक शराब का सेवन भी हिचकी आने का कारण बन सकता है।
  • पेट में गैस बन जाने के कारण भी लगातार हिचकी आने लगती हैं, जैसे ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना और लम्बे समय तक ठंडे स्थान पर बैठे रहने के कारण पेट में गैस बन जाती हैं, जिससे लगातार हिचकी आने की समस्या पैदा हो सकती हैं।
  • धुआं, धूल और तेज़ वायु के संपर्क में आने के कारण, लगातार हंसने के कारण और ज्यादा देर तक च्यूइंग गम व कैंडी आदि चबाने के कारण व्यक्ति के अंदर अनजाने में हवा चली जाती है, जो लगातार हिचकी आने का कारण बन सकती हैं।

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लगातार हिचकी आने के कारण ( Causes of constant Hiccups in hindi )

मानसिक एवं भावनात्मक समस्याएं जैसे तनाव, चिंता और किसी बात पर अचानक उत्तेजित होने के कारण, लगातार हिचकी आने की समस्या पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा कई शारीरिक रोग भी लगातार हिचकी आने का कारण बन सकते हैं जैसे निमोनिया, मधुमेह, गले में खराश और सूजन होना, गुर्दे की बीमारी, मानसिक रोग और स्ट्रोक आदि रोग के कारण लगातार हिचकी आने की समस्या पैदा हो सकती हैं। ऐसे में आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हिचकी के लक्षण ( Symptom of Hiccups in hindi )

  • गले से ‘हिच’ ’जैसी ध्वनि का निकलना।
  • गले में हवा का फंस जाना।
  • डायाफ्राम में ऐंठन महसूस होना।

लगातार आने वाली हिचकी को रोकने के घरेलू उपाय ( Home Remedies for Hiccups in hindi )

पानी

हिचकी आने पर पानी पीएं। दरअसल पानी निगलने की प्रक्रिया को आसान बनाता है, जिससे डायाफ्राम की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जो हिचकी को रोकने में मदद करता हैं। इसके लिए आप 1 -2 गिलास पानी को धीरे-धीरे पिएं।

चीनी

लगातार हिचकी आने की समस्या को दूर करने के लिए प्राचीन समय से ही चीनी का उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए जब भी आपको हिचकी आए तो एक चम्मच चीनी को मुंह में लेकर टॉफी की तरह चूंसे। ऐसा करने से हिचकी आना बंद हो जाती है।

नींबू

हिचकी को रोकने के लिए नींबू का सेवन किया जा सकता है, नींबू एक सिट्रस फल है, जो हिचकी को बढ़ाने वाली नसों को उत्तेजित कर, लगातार आने वाली हिचकी को रोकने में मदद करता है। इसके लिए आप कटे हुए नींबू पर चीनी छिड़कें और उसे चूसें। जानें नींबू के फायदे और नुकसान – Lemon Benefits & Side effects

शहद

लगातार हिचकी आने पर शहद का सेवन करने से हिचकी रुक जाती है, दरअसल शहद में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो गले को संक्रमण से मुक्त कर, आराम देने का कार्य करते हैं और हिचकी को रोकने में सहायक होते हैं। इसके लिए हिचकी आने पर एक चम्मच शहद का सेवन करें। जानें 10 शहद के आयुर्वेदिक उपयोग – स्फूर्तिवान एवं सुंदर काया

अदरक

हिचकी रोकने के लिए अदरक का इस्तेमाल एक प्राकृतिक औषधि के रूप में लंबे समय से किया जा रहा है। लगातार हिचकी आने पर आप अदरक के दो-तीन टुकड़े लें और उन्हें अपने मुंह में रखकर कुछ मिनट तक चूसें। इसके अलावा आप ताजे अदरक की चाय भी पी सकते हैं।

आवश्यक सूचना

अगर किसी व्यक्ति को लगातार हिचकी आने की गंभीर समस्या इन घरेलू उपाय के बाद भी कोई फायदा नहीं मिलता हैं, तो वह व्यक्ति जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करें।

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