हिंग्वाष्टक चूर्ण (Hingwashtak churna) का उपयोग, फायदे और नुकसान

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Hingwashtak churna uses in hindi

हिंग्वाष्टक चूर्ण ( Hingwashtak churna uses in hindi ), हिंग्वाष्टक चूर्ण एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका उपयोग बिना डॉक्टर के पर्चे के किया जा सकता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण कई प्राकृतिक घटकों से निर्मित है जिसका इस्तेमाल मुख्यतः अपच की समस्या को ठीक करने के लिए किया जाता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण के अच्छे परिणामों के लिए हिंग्वाष्टक चूर्ण की निर्धारित खुराक का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण की खुराक व्यक्ति की आयु, लिंग और स्वास्थ्य के अनुसार दी जाती है। हिंग्वाष्टक चूर्ण के फायदे, नुकसान और उपयोग की पूरी जानकारी नीचे दी गयी है –

हिंग्वाष्टक चूर्ण के घटक | Hingwashtak churna ingredients in hindi

हिंग्वाष्टक चूर्ण के घटक है –

  • जीरा
  • काली मिर्च
  • हिंग
  • सेंधा नमक
  • अजवाइन
  • अदरक
  • पिप्पली

हिंग्वाष्टक चूर्ण की सेवन विधि | Hingwashtak churna uses in hindi

हिंग्वाष्टक चूर्ण के अच्छे परिणामों के लिए हिंग्वाष्टक चूर्ण की निर्धारित खुराक का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण वयस्क और बुजुर्गों के लिए है। हिंग्वाष्टक चूर्ण की खुराक दिन में कभी भी ली जा सकती है। हिंग्वाष्टक चूर्ण पाउडर के रूप में होता है जिसका सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण की खुराक दिन में दो बार ली जानी चाहिए, वयस्कों को 3g और बुजुर्गों को 3g तक हिंग्वाष्टक चूर्ण का उपयोग करना चाहिए। हिंग्वाष्टक चूर्ण के सेवन की अवधि व्यक्ति के स्वास्थ्य के अनुसार तय की जाती है।

हिंग्वाष्टक चूर्ण के फायदे और नुकसान | Hingwashtak churna benefits and side effects in hindi

हिंग्वाष्टक चूर्ण के फायदे (Hingwashtak churna benefits in hindi)

बदहजमी

हिंग्वाष्टक चूर्ण के फायदे बदहजमी के इलाज के लिए है। बदहजमी को अपच भी कहा जाता है जिसका कारण अधिक भोजन करना, तेल मसालों का अधिक सेवन करना, कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करना है। हिंग्वाष्टक चूर्ण को अपच की समस्या को खत्म करने के लिए काफी प्रभावी माना जाता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण की निर्धारित खुराक के इस्तेमाल से अपच की परेशानी से बचा जा सकता है।

पेट दर्द

पेट दर्द को ठीक करने के लिए हिंग्वाष्टक चूर्ण का इस्तेमाल किया जा सकता है। पेट दर्द एक सामान्य समस्या है जिसमें व्यक्ति के पेट के किसी भी भाग में दर्द होने लगता है। ठंड लगना, गैस, अपच, एसिडिटी पेट दर्द के प्रमुख कारण है। हिंग्वाष्टक चूर्ण को पेट दर्द को ठीक करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण के नियमित सेवन से पेट दर्द में राहत मिलती है।

गैस

गैस को दूर करने के लिए हिंग्वाष्टक चूर्ण फायदेमंद है। गैस एक सामान्य परेशानी है जो ठंड लगने, बासी भोजन खाने, तला-भुना भोजनखाने, कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने से होती है। हिंग्वाष्टक चूर्ण के सेवन से गैस की समस्या ठीक हो जाती है इसीलिए गैस होने पर हिंग्वाष्टक चूर्ण का नियमित रूप से सेवन करें।

एनोरेक्सिया

एनोरेक्सिया के उपचार के लिए हिंग्वाष्टक चूर्ण सहायक है। एनोरेक्सिया को एनोरेक्सिया नर्वोसा भी कहा जाता है। शरीर के वजन का घटना, अनियमित मासिक धर्म, अवसाद, भोजन न कर पाना एनोरेक्सिया के प्रमुख लक्षण है। हिंग्वाष्टक चूर्ण एनोरेक्सिया से परेशान व्यक्ति के लिए हितकारी है। हिंग्वाष्टक चूर्ण की निर्धारित खुराक के इस्तेमाल से एनोरेक्सिया से छुटकारा पाया जा सकता है।

कब्ज

कब्ज से परेशान रोगियों के लिए हिंग्वाष्टक चूर्ण लाभकारी है। कब्ज हर उम्र के लोगों में देखी जाने वाली एक सामान्य समस्या है जिसमें मल त्यागने में परेशानी, स्वाद में खराबी, मुंह से बदबू जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। हिंग्वाष्टक चूर्ण के उपयोग से कब्ज की परेशानी को दूर किया जा सकता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण के नियमित उपयोग से कब्ज से बचा जा सकता है।

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उदरशूल

हिंग्वाष्टक चूर्ण के फायदे उदरशूल के लिए है। उदरशूल बच्चों में होने वाली एक सामान्य समस्या है। बच्चों का लगातार रोना, चिड़चिड़ापन, नींद न आना उदरशूल के प्रमुख लक्षण है। हिंग्वाष्टक चूर्ण उदरशूल के उपचार के लिए सहायक है। हिंग्वाष्टक चूर्ण के रोजाना नियमित सेवन से उदरशूल की परेशानी को खत्म किया जा सकता है।

हिंग्वाष्टक चूर्ण के नुकसान (Hingwashtak churna side effects in hindi )

हिंग्वाष्टक चूर्ण के नुकसान देखे जा सकते है यदि आप उसका आवश्यकता से अधिक या गलत तरीके से उपयोग करते है तो। गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को हिंग्वाष्टक चूर्ण का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। किसी रोग या एलर्जी के इलाज के दौरान हिंग्वाष्टक चूर्ण का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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