क्यों दही को नमक नहीं बल्कि मीठी चीजों के साथ खाना चाहिए

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क्यों दही को नमक नहीं बल्कि मीठी चीजों के साथ खाना चाहिए

क्यों दही को नमक नहीं बल्कि मीठी चीजों के साथ खाना चाहिए : दही को नमक नहीं बल्कि मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए। जरा सा भी नहीं, थोड़ा सा भी नमक (salt) दही (yogurt) में मिला के नहीं खाना चाहिए। दही को हमेशा मीठी चीज़ों जैसे गुड़ (Jaggery), मिश्री या बुरा मिला कर खाना चाहिए। Why curd should be eaten with sweet things rather than salt in hindi.

उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के कई गांवों में आज भी शादी समारोह जैसे कई शुभ अवसरों पर दही में बुरा मिलाकर ही दिया जाता है। हालांकि वर्तमान में यह परम्परा कम ही देखने को मिलती है लेकिन हमारे पूर्वजों का दही खाने का यह तरीका ही सबसे अच्छा था। यही वजह है कि दही और मीठे को शगुन के रूप में कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से पहले खाया जाता है।

दही मलेरिया, सर्दी वाले बुखार, खूनी बवासीर आदि बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए लाभकारी होती है। दही का मिश्री के साथ सेवन भी काफी लाभकारी माना जाता है। जब हम भगवान श्री कृष्ण की कहानियां भी सुनते हैं तो उसमें भगवान श्री कृष्ण दही को मिश्री के साथ ही खाया करते थे। मिश्री भी काफी लाभकारी खाद्य पदार्थ होता है। मिश्री के लाभ के लिए ये आर्टिकल पढ़ें – मिश्री खाने के फायदे और नुकसान

दही को गुड़ के साथ खाना भी लाभकारी होता है। गुड़ के भी अपने कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। गुण में एंटी एलर्जिक गुण पाए जाते हैं साथ ही यह शरीर में आयरन की कमी को भी दूर करता है। दही के साथ गुण और ज्यादा गुणकारी हो जाता है। गुण के स्वास्थ्य लाभ जानने के किये इस आर्टिकल को पढ़ें – क्यों गुड़ है चीनी से कई सौ गुना बेहतर 

दही विटामिन, कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। दही पाचन तंत्र के लिए काफी गुणकारी होता है जिस कारण यह पेट सम्बन्धी कई समस्याओं का समाधान करने में सक्षम होता है।

दही को नमक के साथ खाना इसलिए नहीं चाहिए क्योंकि दही में बहुत अधिक संख्या में लाभदायक बैक्टीरिया पाए जाते हैं जिनका सेवन पेट के लिए काफी अच्छा होता है। यह बैक्टीरिया दही में जीवित अवस्था में पाए जाते हैं और इनका जीवित अवस्था में ही सेवन करना गुणकारी होता है।

दूध के सेवन के बाद, साथ या कुछ समय पहले भी नमक का सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह होता है और नमक के सेवन के आस-पास कभी भी दूध का सेवन नहीं किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार दूध और नमक विरुद्ध आहार हैं यानि कि एक दूसरे की विपरीत प्रवृत्ति वाले। ठीक उसी तरह नमक और दही भी विरुद्ध आहार होते हैं।

दही के साथ भी कुछ ऐसा ही है दही में नमक डालने से लाभदायक बैक्टीरिया मर जाते हैं और फिर दही खानें का कोई लाभ नहीं होता है क्योंकि बैक्टीरिया के मरते ही दही के सारे गुण ख़त्म हो जाते हैं। अतः दही को नमक के साथ कभी भी नहीं खाना चाहिए। दही के स्वास्थ्य लाभ जानने के लिए पढ़ें – दही के फायदे और नुकसान – Yogurt (Curd)

अब सवाल ये है कि मीठे के साथ ही क्यों खाना चाहिए बिना नमक और मीठे के भी तो दही को खाया जा सकता है ? तो जी हाँ खाया जा सकता है लेकिन मीठे के साथ दही को खाने का यह फायदा है कि दही में मीठा मिलाते ही दही में पाए जाने वाले लाभदायक बैक्टीरिया दोगुने हो जाते हैं। अतः दही को मीठा जैसे गुड़, मिश्री और बुरा आदि के साथ खाने से लाभ दोगुना हो जाता है।

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Sumit Raghav
Sumit Raghav
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