तिल के तेल के फायदे और नुकसान – Sesame oil

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तिल के तेल के फायदे और नुकसान

तिल के तेल के फायदे और नुकसान ( til ke tel ke fayde aur nuksan ) : तिल के तेल के फायदे और नुकसान कई हैं, तिल एक प्रकार का बीज है जो तिल के पौधे से प्राप्त होता है इसका उपयोग आयुर्वेद में एक औषधि के रूप में किया जाता है। तिल तीन प्रकार के होते हैं सफ़ेद, लाल व काले तिल।

तिल के तेल के फायदे और नुकसान (Benefits and harms of Sesame oil in hindi)

आयुर्वेद में काले तिल को अधिक उत्तम माना जाता है। तिल का तेल बहुत से आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होता है जो शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।

तिल की खेती

भारत में तिल की खेती व्यापक स्तर पर की जाती है, भारत में तिल की खेती महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में की जाती है।

तिल में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व

तिल में कैलोरी, फैट, कोलिन, विटामिन ई, विटामिन के, फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड, फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड, फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड जैसे पोषक तत्व पाए जाते है।

तिल के अन्य भाषाओं में नाम

हिंदी भाषा में तिल को तिल, तील व तिली और अंग्रेजी भाषा में सेसमी कहा जाता है। इसके अलावा तिल को संस्कृत में तिल व स्नेहफल, उर्दू में तिल, गुजराती में तल तिल, तेलुगु में नुव्वुलु, उड़िया में खसू व रासी, तमिल में एब्लु नुव्वुलु, बंगाली में तिलगाछ तिल, नेपाली में तिल, मलयालम में एल्लू व करूएल्लू, मराठी में तील तिल कहा जाता है।

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तिल के तेल के फायदे (Benefits of Sesame oil in hindi)

तिल का तेल त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है, रोजाना त्वचा पर तिल के तेल की मालिश करने से यह त्वचा संबंधी विभिन्न रोगों से रक्षा करने में मदद करता है। तिल के तेल का उपयोग करने से यह त्वचा के रूखेपन को दूर करता है। इसके साथ ही तिल का तेल सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा करता और त्वचा को जवा रखने में भी मदद करता है। इसके अलावा तिल के तेल में ऐसे बहुत से पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने में भी मदद करता है।

तिल का तेल बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है, तिल के तेल से बालों में हल्के हाथ से मालिश करने से यह बालों व सिर की त्वचा को पोषण प्रदान करता है। तिल का तेल न केवल बालों को पोषण प्रदान करता है बल्कि यह बालों को लम्बा, घना और मजबूत बनाने में भी मदद करता है। इसके अलावा बालों में तिल का तेल लगाने से यह बालों और खोपड़ी को विभिन्न रोगों से बचाता है क्योंकि इसमें जीवाणुरोधी एवं एंटीफंगल गुण पाए जाते है।

तिल का तेल हड्डियों के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होता है, तिल के तेल में भरपूर मात्रा में जिंक एवं कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों से संबंधित विभिन्न रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है। तिल का तेल हड्डियों के विकास उनका  लचीलापन बनाए रखने के साथ ओस्टोपोरोसिस को स्वस्थ्य रखने में भी मदद करता है। तिल के तेल का सेवन अपने भोजन में किया जा सकता है सलाद में भुने हुए तिल के तेल का हल्का छिड़काव करके भी इसका सेवन कर सकते है इसके अलावा तिल के तेल की मालिश भी कर सकते हैं। तिल के तेल में कई बायोएक्टिव तत्व होते है जो गठिया में होने वाली सूजन एवं जोड़ो के दर्द को कम करने में मदद करता है।

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तिल का तेल ह्रदय के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है इसका उपयोग करने से यह ह्रदय संबंधी विभिन्न रोगों से रक्षा करता है। चूँकि तिल का तेल मुख्य रूप से पॉलीअनसेचुरेटेड वसा से निर्मित होता है इसीलिए इसका रोजाना सेवन करने से यह शरीर में केलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है और एथेरोस्क्लेरोसिस को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा तिल का तेल दांतों के लिए भी फायदेमंद होता है, तिल के तेल का कुल्ला करने से दांत से संबंधित रोगों का खतरा कम होता है और इससे दांत साफ व सफ़ेद हो जाते है। तिल के तेल में जीवाणुओं को मारने का गुण होता है जिसका कुल्ला करने से मुँह के अंदर के बैक्टीरिया ख़त्म हो जाते है।

तिल का तेल डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है, तिल के तेल का सेवन भोजन में मिलाकर या सलाद में डालकर किया जा सकता है इससे रक्त में शर्करा की मात्रा नियंत्रित होती है जो डायबिटीज के रोगियों के लिए लाभदायक होता है। इसके अलावा तिल के तेल का सेवन करने से यह एनीमिया के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है। तिल के तेल में उचित मात्रा में कॉपर और आयरन की मात्रा होती है जो एनीमिया से लड़ने में मदद करता है।

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तिल के तेल के नुकसान (Losses of Sesame oil in hindi)

  • उन लोगों को तिल के तेल के सेवन से बचना चाहिए जो एस्पिरिन, हेपरिन आदि एंटीकोआगुलंट्स ले रहे है, ऐसे लोगों के लिए तिल का तेल नुकसानदायक होता है।
  • आवश्यकता से अधिक तिल के तेल का सेवन करने से शरीर में एलर्जी की समस्या उत्पन्न हो जाती है अतः तिल के तेल का आवश्यकता से अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए। किसी विशेष रोग में तिल के तेल का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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